सिंतबर महीने में बारिश से नहीं मिलेगी राहत, जानिए कैसा रहेगा देश का मौसम

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उत्तर-पश्चिम से लेकर मध्य और दक्षिण भारत में बारिश का कहर जारी है। गुजरात में नदियां ऊफान पर हैं। बांधों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। वडोदरा और जामनगर समेत कई जिले जलमग्न हैं। अकेले जामनगर से पिछले दो-तीन दिन में बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे 15,000-20,000 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश की वजह से जगह-जगह भूस्खलन होने से 72 सड़कें बंद हैं। आंध्र प्रदेश में भूस्खलन और वर्षा जनित घटनाओं में आठ लोगों की मौत हो गई है। पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में बाढ़ के कारण अब तक 62 लोगों की मौत हो चुकी है।
ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने हिमाचल में दो सितंबर तक राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में भारी से लेकर बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है और यलो अलर्ट जारी किया है।

दिल्ली में दो दिनों तक बारिश होने की संभावना
राजधानी दिल्ली के बारे में मौसम विभाग ने रविवार से दो दिन के लिए बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। ऐसे में सितंबर माह की शुरुआत बारिश से होने का अनुमान है। इस दौरान आसमान में हल्के बादल छाए रहेंगे। इससे अधिकतम तापमान 35 और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है।

सितंबर माह में उत्तर-पश्चिम भारत में भारी बारिश संभवना
आईएमडी ने सितंबर महीने के लिए भी मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके मुताबिक सितंबर में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से सटे इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। उत्तर पश्चिम भारत के कुछ दूरवर्ती क्षेत्रों, दक्षिणी प्रायद्वीप के कई हिस्सों, उत्तरी बिहार और उत्तरपूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों को छोड़कर, जहां सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है, भारत के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि देश में इस महीने में सामान्य (दीर्घावधि औसत का 94-106 प्रतिशत) से अधिक 109 प्रतिशत यानी 167.9 मिमी बारिश होगी।
केरल और गुजरात में आपदा
वायनाड जिले में 30 जुलाई को हुए भूस्खलन का केंद्र रहे पंचिरीमट्टम के ठीक ऊपर शनिवार को भी पहाड़ से भारी मलबा गिरा। पिछले भूस्खलन में 200 से अधिक लोगों की जान चली गई और 78 लोग अभी भी लापता हैं। गुजरात पर मंडराते चक्रवाती तूफान असना का खतरा टल गया है। अगले 24 घंटे के दौरान इसके पश्चिम और उत्तर पश्चिम की तरफ से बढ़ने की संभवना है। IMD के मुताबक असना शनिवार रात गुजरात के नलिया से 460 किमी पश्चिम, पाकिस्तान के कराची से 310 किमी पश्चिम-दक्षिण पश्चिम इलाके में स्थित है।

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