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Swadesh News > राज्य > मध्य प्रदेश > MP Cabinet Decisions : जन-कल्याण के लिए 2300 करोड़ स्वीकृत, जानें सीएम डॉ. मोहन की कैबिनेट ने क्या-क्या लिए फैसले?
मध्य प्रदेश

MP Cabinet Decisions : जन-कल्याण के लिए 2300 करोड़ स्वीकृत, जानें सीएम डॉ. मोहन की कैबिनेट ने क्या-क्या लिए फैसले?

Abhishek Singh
Last updated: July 8, 2026 9:20 pm
By Abhishek Singh
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23 Min Read
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MP Cabinet Decisions : मुख्यमंत्री स्कूटी योजना की निरंतरता के लिए 495 करोड़ मंजूर

MP Cabinet Decisions : भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 8 जुलाई को कैबिनेट की बैठक में कई अहम निर्णय लिए। उनकी अध्यक्षता में कैबिनेट ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के एक और प्रस्ताव अनुसार ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी 2023 के संशोधन प्रस्ताव को स्वीकृति दी। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत स्वामित्व योजना के निष्पादित हस्तांतरण अभिलेखों पर अतिरिक्त स्टांप शुल्क से छूट दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। विधि एवं विधायी कार्य विभाग द्वारा प्रस्तुत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता विधेयक:2026 को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रस्ताव अनुसार मंत्रि-परिषद ने मुख्यमंत्री स्कूटी योजना को वर्ष 2031 तक निरंतर रखे जाने के लिए 495 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी। इसी तरह खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा प्रस्तुत मध्यप्रदेश उपार्जित गेहूं, चना, ज्वार एवं बाजरा निस्तारण नीति : 2026 को भी मंत्रि-परिषद ने स्वीकृति दी। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रस्ताव अनुसार मध्यप्रदेश के 65 नगरीयों निकायों और उनके आस-पास के वन क्षेत्रों में नगरीय वन विकसित करने के लिए नमो हरित नगर योजना को 100 करोड़ की स्वीकृति दी है। कुल मिलाकर कैबिनेट ने प्रदेश में अधोसंरचना विकास और पुनर्वास कार्यों के लिए 2300 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की।

Contents
MP Cabinet Decisions : मुख्यमंत्री स्कूटी योजना की निरंतरता के लिए 495 करोड़ मंजूरMP Cabinet Decisions : स्टेट डाटा सेंटर के आधुनिकीकरण, आईटी एवं डिजास्टर रिकवरी पर फोकसMP Cabinet Decisions : सुरक्षित एवं उच्च दक्षता युक्त डेटा सेंटर का होगा विकासMP Cabinet Decisions : शोधकर्ताओं-युवाओं को मिलेंगे उच्चस्तरीय अध्ययन-अनुसंधान के अवसरMP Cabinet Decisions : पारदर्शी तरीके से मिलेगा योजनाओं का लाभMP Cabinet Decisions : मुख्यमंत्री स्कूटी योजना की निरंतरता के लिए राशि मंजूरMP Cabinet Decisions : मध्यप्रदेश आईटी, आईटीइएस एंड ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी:2023 का संशोधन प्रस्ताव स्वीकृतMP Cabinet Decisions : अभिलेख पंजीयन पर उपकर-अतिरिक्त स्टॉम्प ड्यूटी से छूट को मंजूरीMP Cabinet Decisions : “नमो हरित-नगर योजना” के लिए 100 करोड़ रुपये स्वीकृ‌तMP Cabinet Decisions : डूब प्रभावितों के पुनर्वास-विस्थापन के लिए करोड़ों रुपये स्वीकृतMP Cabinet Decisions : हर परिवार का रखा ध्यानMP Cabinet Decisions : मप्र लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा (राजपत्रित) सेवा भर्ती किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी

MP Cabinet Decisions : कैबिनेट ने जल संसाधन विभाग द्वारा पृथक-पृथक 3 सिंचाई परियोजनाओं में पुनर्वास और पुन: विस्थापन के लिए 3 प्रस्ताव अनुसार मंत्रि-परिषद ने पन्ना जिले की केन-बेतवा लिंक परियोजना, रूंज सिंचाई परियोजना और मझगांव सिंचाई परियोजना के डूब प्रभावितों के पुनर्वास और विस्थापन के लिए अतिरिक्त रूप से 202 करोड़ 50 लाख रुपये की राशि स्वीकृति दी है। कैबिनेट ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राजपत्रित सेवा भर्ती नियम : 2022 के तहत भर्ती प्रक्रिया को स्वीकृति दी। इसी तरह कैबिनेट द्वारा लीगल और डिफेंस काउंसिल सिस्टम योजना की वर्ष 2031 तक निरंतरता के लिए 42 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई। वित्त विभाग के प्रस्ताव अनुसार विभिन्न लिखतों पर देय उपकार में छूट देने का निर्णय लिया गया है। कैबिनेट ने शिक्षा विभाग की लोक-वित्त पोषित कार्यक्रमों योजनाओं एवं परियोजनाओं के परिक्षण की योजना को 1 अप्रैल 2026 से मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 543 करोड़ रुपये की मंजूरी दी।

MP Cabinet Decisions : स्टेट डाटा सेंटर के आधुनिकीकरण, आईटी एवं डिजास्टर रिकवरी पर फोकस

कैबिनेट ने एमपीएसईडीसी द्वारा संचालित एवं संग्रहीत मप्र स्टेट डाटा सेंटर के विस्तार और अद्यतन डाटा सेंटर 3.0 परियोजना के लिए 800 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी। स्वीकृति अनुसार मप्र स्टेट डाटा का आधुनिकीकरण, आईटी एवं डिजास्टर रिकवरी क्षमता विस्तार तथा संबंधित नॉन-आईटी अवसंरचना विकास किया जाएगा। प्रदेश में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस परियोजना अंतर्गत सरकार की सेवाओं को संगठित करने व दक्ष इलेक्ट्रॉनिक सर्विस प्रदान करने के लिए भारत सरकार, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय एवं मध्यप्रदेश शासन की संयुक्त भागीदारी से भोपाल में स्टेट डाटा सेंटर की स्थापना की गई है। प्रदेश स्टेट डाटा सेंटर 12 दिसंबर 2012 से सफलतापूर्वक संचालित है। परियोजना अंतर्गत राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के आईटी एप्लीकेशन्स के लिए होस्टिंग सेवाएं प्रदान की जाती है। स्टेट डाटा सेंटर ई-गवर्नेंस क्षेत्र की बहु-उपयोगी एवं डिजिटल भारत की अवधारणा को साकार करने हेतु डिजीटल मध्यप्रदेश के लिए अति आवश्यक अधोसंरचना है। उक्त अधोसंरचना पूर्णतः सूचना प्रौद्योगिकी तकनीकी आधारित है, जो 365 दिन 24 घंटे निरंतर संचालित रहती है। स्टेट डाटा सेंटर के माध्यम से ही प्रदेश में विभिन्न विभागों द्वारा प्रदत्त की जाने वाली नागरिक सेवाओं को नागरिकों को उनके निकटतम स्थल पर सुगमता पूर्वक ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाती है।

MP Cabinet Decisions : सुरक्षित एवं उच्च दक्षता युक्त डेटा सेंटर का होगा विकास

बदलते तकनीकी परिदृश्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कम्प्यूटिंग आदि इमर्जिंग फ्रंटियर टेनोलॉजीज़ के परिप्रेक्ष्य में ऐसी नवीन अधोसंरचना स्थापित किए जाने की आवश्यकता है, जो राज्य शासन को नागरिक सेवाओं को अधिक दक्षतापूर्वक प्रदान करने हेतु इन तकनीकों को अपनाने में सक्षम बनाए। अधोसंरचना में वृद्धि के फलस्वरूप विद्युत आपूर्ति, कूलिंग अधोसंरचना आदि संबंधित नॉन-आईटी अधोसंरचना के संवर्द्धन की आवश्यकता भी होगी। उक्त परिप्रेक्ष्य में डाटा सेंटर के विस्तार के लिए एसडीसी 3.0 परियोजना का अनुमोदन प्रदान किया गया। एमपीएसडीसी 3.0 डाटा सेंटर एक्पैंशन परियोजना को चरणबद्ध रूप से लागू किया जायेगा। प्रत्येक चरण के अंतर्गत डेटा सेंटर के विभिन्न घटकों का क्रमिक विकास एवं सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। पहले चरण में डाटा सेंटर साइट के लिए कोर नॉन आईटी एवं आईटी इंफ्रॉस्ट्रक्चर, कंप्यूटर स्टोरेज और नेटवर्क, दूसरे चरण में डीआर साइट का निर्माण एवं डिजास्टर रिकवरी क्षमताओं का सुदृढ़ीकरण और तीसरे चरण में आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जाएगा। यह स्वीकृति राज्य में बढ़ती डिजिटल सेवाओं, डेटा प्रोसेसिंग मांग एवं भविष्य की उन्नत तकनीकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित किया गया है, जिससे एक स्केलेबल, सुरक्षित एवं उच्च दक्षता युक्त डेटा सेंटर वातावरण का विकास सुनिश्चित किया जा सके।

MP Cabinet Decisions : शोधकर्ताओं-युवाओं को मिलेंगे उच्चस्तरीय अध्ययन-अनुसंधान के अवसर

कैबिनेट ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अंतर्गत विज्ञान पार्क, एकल नागरिक डाटाबेस परियोजना और बॉयो टेक्नालॉजी पार्क की स्थापना एवं आगामी 5 वर्षों 1 अप्रैल 2029 से 31 मार्च 2031 की अवधि के लिए संचालन की निरंतरता के लिए 123 करोड़ की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार विज्ञान पार्क की स्थापना संबंधी योजना के लिए 39 करोड़ 39 लाख रुपये, एकल नागरिकता डाटाबेस के लिए 75 करोड़ और बायो टेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना और संचालन संबंधी योजनाओं के लिए 8 करोड़ 59 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। उज्जैन स्थित आचार्य वराह मिहिर न्यास परिसर में अत्याधुनिक तारामंडल एवं खगोलीय वेधशाला स्थापित की जा रही है। इसमें 1 मीटर ऑप्टिकल टेलीस्कोप एवं 4.5 मीटर रेडियो टेलीस्कोप जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं एवं युवाओं को उच्चस्तरीय अध्ययन एवं अनुसंधान के अवसर प्राप्त होंगे। विज्ञान पार्क संबंधी योजना खगोल विज्ञान के अध्ययन, अनुसंधान एवं जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के साथ समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने तथा अंधविश्वासों के निराकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। साथ ही, यह उज्जैन को राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख खगोलीय अनुसंधान एवं विज्ञान प्रसार केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।

MP Cabinet Decisions : पारदर्शी तरीके से मिलेगा योजनाओं का लाभ

समय एकल नागरिक डाटाबेस परियोजना के अंतर्गत प्रदेश के नागरिकों का एकीकृत डेटाबेस विकसित किया जा रहा है, जिससे शासकीय सेवाओं एवं योजनाओं का लाभ अधिक त्वरित, पारदर्शी एवं सुगम रूप से उपलब्ध कराया जा सके। परियोजना से नागरिकों की मूलभूत जानकारी का एकल एवं समेकित स्रोत उपलब्ध होगा, जिससे विभागीय स्तर पर पृथक-पृथक पंजीयन की आवश्यकता कम होगी तथा सेवाओं का प्रदाय अधिक सरल, समयबद्ध एवं नागरिक-केंद्रित बन सकेगा। डेटाबेस में उपलब्ध प्रमाणित जानकारी के आधार पर विभिन्न सेवाएं एवं योजनाओं का लाभ नागरिकों को “सिंगल क्लिक” पर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। एससीडी परियोजना के साथ-साथ “परिचय” परियोजना के माध्यम से आधार आधारित ऑथेंटिकेशन एवं ई-केवाईसी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे डीबीटी प्रक्रियाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो रहा है। दोनों परियोजनाए डेटा समेकन, आधार प्रमाणीकरण एवं विभागीय डेटा साझाकरण के माध्यम से राज्य की ई-गवर्नेंस व्यवस्था को सुदृढ़ कर रही हैं तथा भविष्य की डिजिटल गवर्नेंस प्रणाली एवं विजन@2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। मध्यप्रदेश बॉयो टेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना तथा संचालन से संबंधित योजना का उद्देश्य प्रदेश में बायो टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अनुसंधान, विकास, नवाचार एवं उ‌द्यमिता को बढ़ावा देना है। भारत सरकार के जैव प्रौ‌द्योगिकी विभाग की नेशनल बॉयो टेक्नोलॉजी पार्क स्कीम के अंतर्गत संचालित इस योजना के तहत स्टार्ट-अप, नवोन्मेषकों तथा सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमियों को इन्क्यूबेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

MP Cabinet Decisions : मुख्यमंत्री स्कूटी योजना की निरंतरता के लिए राशि मंजूर

कैबिनेट ने शासकीय हायर सेकेन्डरी स्कूलों में प्रथम स्थान पाने वाली बालिकाओं एवं बालक को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-2031 तक निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की है। प्रदेश मे स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित शासकीय हायर सेकेन्डरी स्कूलों में प्रथम प्रयास में नियमित परीक्षार्थी के रूप में न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पाने वाली बालिका एंव बालक को मुख्यमंत्री स्कूटी प्रदाय योजना के अन्तर्गत लाभांवित किया जाएगा। प्रदेश में संचालित मुख्यमंत्री स्कूटी प्रदाय किये जाने के लिए संचालित योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतरता के लिए राशि 495 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई । दूसरी ओर, भारत सरकार द्वारा राज्य में गेहूं, धान (चावल), ज्वार एवं बाजरा का उपार्जन खाद्य विभाग द्वारा किया जाता है। विक्रय कार्य व्यवस्थित रूप से किये जाने एवं उपज का अधिकतम मूल्य दिलाए जाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा मध्यप्रदेश उपार्जित खाद्यान्न (गेहूं, धान, ज्वार एवं बाजरा) निस्तारण नीति 2026 को मंत्रि-परिषद द्वारा स्वीकृति दी गई है। नीति अनुसार एक राज्य स्तरीय कमेटी मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित होगी। समिति द्वारा उपज के मात्रा निर्धारण के बाद प्रस्तावित उक्त मात्रा विक्रय करने के पूर्व रिजर्व प्राईज अपसेट मूल्य तय करना एवं ई-निविदा/ई-ऑक्शन प्रक्रिया के माध्यम से दरें आमंत्रित करना, प्राप्त दरों का परीक्षण के बाद अनुमोदन तथा निस्तारण की कार्यवाही का अनुमोदन किया जाएगा।

MP Cabinet Decisions : मध्यप्रदेश आईटी, आईटीइएस एंड ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी:2023 का संशोधन प्रस्ताव स्वीकृत

कैबिनेट ने मध्यप्रदेश आईटी, आईटीइएस एंड ईएसडीएम इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी : 2023 के संशोधन प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। नीति की कंडिका 15, 12.6 और 12.11 में नए प्रावधान प्रतिस्थापित किए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य नीति को निवेश प्रोत्साहन विभाग की मध्यप्रदेश इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी अनुरूप बनाकर ईएसडीएम इकाइयों के लिए अधिक आकर्षक एवं अनुकूल बनाई गई है, ताकि इस नीति के तहत निवेशकर्ता एवं प्रदेश को लाभ प्राप्त हो सके। स्वीकृति अनुसार, अगर कोई पुरानी आईटी या डेटा सेंटर कंपनी अपना काम बढ़ाना चाहती है, तो उसे अपने मौजूदा निवेश में कम से कम 30% और पैसा लगाना होगा या अपनी जगह का एरिया 30% बढ़ाना होगा। इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बनाने वाली (ईएसडीएम) कंपनियों को अपनी मशीनों में कम से कम 30% (न्यूनतम 15 करोड़ रुपये) या 50 करोड़ रुपये (जो भी कम हो) का नया निवेश करना होगा और उत्पादन क्षमता 20% बढ़ानी होगी। ऐसा करने पर इन सभी कंपनियों को नई कंपनी की तरह ही सरकारी मदद मिलेगी। जमीन मिलने की प्रक्रिया को भी पूरी तरह ऑनलाइन और आसान बनाया गया है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे। अगर एक ही जमीन के लिए एक से ज्यादा कंपनियां आवेदन करेंगी, तो ऑनलाइन बोली (ई-बिडिंग) लगाई जाएगी। हालांकि, बहुत बड़े प्रोजेक्ट्स (मेगा प्रोजेक्ट) को इस बोली से छूट मिलेगी और उन्हें ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर सीधे जमीन मिल सकेगी। कंपनियां एमपीआइडीसी या अन्य सरकारी विभागों की जमीन भी ले सकती हैं, लेकिन किराया और बाकी शर्तें उसी विभाग के नियमों के मुताबिक ही तय होंगी।

MP Cabinet Decisions : अभिलेख पंजीयन पर उपकर-अतिरिक्त स्टॉम्प ड्यूटी से छूट को मंजूरी

कैबिनेट ने राजस्व विभाग की स्वामित्व योजना अंतर्गत अभिलेखों के पंजीयन पर देय उपकर और अतिरिक्त स्टाम्प ड्यूटी से छूट प्रदान किए जाने का निर्णय लिया है। कैबिनेट द्वारा “भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मध्यप्रदेश संशोधन) विधेयक : 2026” का अनुमोदन दिया गया। कैबिनेट ने कमजोर वर्गों को प्रभावी और कुशल विधिक सेवाएं प्रदान करने की लीगल एड डिफेंस काउंसिल स्कीम योजना को निरंतर रखे जाने के लिए राज्य की बढ़ती निर्भरता के क्रम में वर्ष-2026 से 2028 की अवधि में व्यय का 25%, वर्ष 2028 से 2030 में व्यय का 50%, वर्ष 2030-2031 में व्यय का 75 प्रतिशत तथा वर्ष 2031 व्यय का 100 प्रतिशत की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की है। वर्ष 2026 से 2028 की अवधि में राज्य शासन इसके व्यय का 25% वहन करेगा, जिसकी अनुमानित राशि रुपये प्रतिवर्ष 4 करोड़ 20 लाख, वर्ष 2028 से 2030 तक राज्य शासन इसके व्यय का 50% वहन करेगा, जिसकी अनुमानित राशि रुपये प्रतिवर्ष 8 करोड़ 40 लाख इसी प्रकार वर्ष 2030-2031 में राज्य शासन इसके व्यय का 75% वहन करेगा जिसकी अनुमानित राशि रुपये प्रति वर्ष 12 करोड़ 60 लाख अंत में पूर्ण निर्भरता वर्ष 2031 से राज्य शासन पर 100% होगी जिसकी अनुमानित राशि रुपये 16 करोड़ 80 लाख होना संभावित है।

MP Cabinet Decisions : “नमो हरित-नगर योजना” के लिए 100 करोड़ रुपये स्वीकृ‌त

कैबिनेट ने स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं एवं परियोजनाओं के परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया अंतर्गत 16 वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए निरंतरता की स्वीकृति प्रदान की है। एनसीसी से सम्बंधित इस योजना वरिष्ठ संभाग-3755 के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को वेतन का भुगतान, एनसीसी कार्यालय को सुचारू रूप से चलाने के लिए कार्य किया जाता है साथ ही एनसीसी कैडेट्स के प्रशिक्षण देने संबंधित समस्त कार्य किया जाता है। इस योजना के संचालन के लिए 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए 543 करोड़ 9 लाख रुपये की निरंतरता के लिए स्वीकृति प्रदान की। कैबिनेट ने नगरीय निकायों में आगामी 5 वर्षों में 65 नगरीय निकाय क्षेत्रों में नगर वन विकास के लिए “नमो हरित-नगर योजना” के लिए 100 करोड़ रुपये की स्वीकृ‌ति प्रदान की। योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्र में नगरवासियों को स्वस्थ जीवन जीने के लिए वातावरण प्रदाय करना, पर्यावरण सौंदर्यीकरण करना, स्वच्छ वायु प्रदाय करना, जैव विविधता सृजित करना एवं अनुकूल जलवायु बनाना आदि है। योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक निकाय में कम से कम एक नगर वन न्यूनतम आधा एकड़ क्षेत्रफल में विकसित करने का प्रयास किया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन के लिए निकायों को राशि 3 किश्तों में दी जाएगी।

MP Cabinet Decisions : डूब प्रभावितों के पुनर्वास-विस्थापन के लिए करोड़ों रुपये स्वीकृत

कैबिनेट ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत पन्ना जिले के 8 ग्रामों में विशेष विस्थापन पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन पैकेज के संबंध में कटऑफ दिनांक की वृद्धि को स्वीकृति देते हुए नवीन संभावित 313 परिवारों को विशेष पैकेज की कुल अनुदान राशि 39.125 करोड़ को सम्मिलित करते हुए परियोजना के लिए कुल व्यय 439 करोड़ 325 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान किए जाने का निर्णय लिया है। पूर्व में डूब प्रभावित ग्रामों के कृषि भूमि अर्जन हेतु भू-अर्जन अधिनियम 2013 की धारा-11 की प्रकाशन तिथि 21 जनवरी 2022 को कट-ऑफ मानते हुए कुल 1890 परिवारों की गणना की गई थी। इन्हीं ग्रामों के आबादी भूमि/निजी भूमि पर स्थित मकानों के मुआवजा निर्धारण हेतु धारा-11 अंतर्गत मप्र के राजपत्र में प्रकाशन 15 मार्च 2024 को हुआ। प्रभावित परिवारों/जनप्रतिनिधियों द्वारा की जा रही मांग तथा परियोजना का निर्माण कार्य सुचारू एवं त्वरित गति से क्रियान्वयन के दृष्टिगत आबादी भूमि एवं मकान के लिए धारा-11 के प्रकाशन 15 मार्च 2024 को आधार मानकर कट-ऑफ दिनांक में वृद्धि की स्वीकृति देते हुए 313 परिवारों को विशेष पुनर्वास पैकेज दिया जाना निर्णीत हुआ।

MP Cabinet Decisions : हर परिवार का रखा ध्यान

कैबिनेट ने रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना से 730 डूब प्रभावितों को पूर्व में एक मुश्त पुनर्वास अनुदान राशि 5 लाख रुपये प्रति परिवार के मान से स्वीकृत की गई राशि के स्थान पर, डूब प्रभावित परिवारों द्वारा पन्ना जिले की ही केन-बेतवा लिंक परियोजना से डूब प्रभावितों को विस्थापन हेतु स्वीकृत राशि 12.50 लाख प्रति परिवार के समान की जा रही मांग एवं जन-प्रतिनिधियों द्वारा भी केन-बेतवा लिंक परियोजना से डूब प्रभावितों को विस्थापन के लिए स्वीकृत पुनर्वास पैकेज के समान राशि दिए जाने की मांग की जाती रही है। डूब प्रभावितों के हित एवं परियोजना के क्रियान्वयन के दृष्टिगत रखते हुए, केन-बेतवा लिंक परियोजना के समान, रूंज मध्यम परियोजना से प्रभावित 730 विस्थापित परिवार के लिए प्रति परिवार अतिरिक्त रू. 7.5 लाख (साढ़े सात लाख) की राशि का विशेष पुनर्वास पैकेज कुल रू. 54 करोड़ 75 लाख की स्वीकृति प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया। यह राशि रूज मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए प्रशासकीय स्वीकृति राशि 269 करोड़ 79 लाख रुपये के अतिरिक्त होगी। कैबिनेट द्वारा मझगांव मध्यम सिंचाई परियोजना से 1450 डूब प्रभावितों को पूर्व में एक मुश्त पुनर्वास अनुदान राशि 5 लाख रुपये प्रति परिवार के स्थान पर, (पन्ना जिले की ही केन-बेतवा लिंक परियोजना से डूब प्रभावितों को विस्थापन के लिए स्वीकृत राशि 12.50 लाख रुपये प्रति परिवार के मान से) डूब प्रभावितों के हित एवं परियोजना के क्रियान्वयन के दृष्टिगत प्रति परिवार अतिरिक्त रू. 7.5 लाख (साढ़े सात लाख) रुपये की राशि का विशेष पुनर्वास पैकेज कुल 108 करोड़ 75 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया है। यह राशि मझगवां मध्यम सिंचाई परियोजना के ‍लिए भूमि एवं परिसंपत्ति अधिग्रहण के लिए कुल स्वीकृत राशि 364 करोड़ 56 लाख रुपये के अतिरिक्त होगी।

MP Cabinet Decisions : मप्र लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा (राजपत्रित) सेवा भर्ती किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी

कैबिनेट ने प्रदेश की स्वास्थ्य संस्थाओं में विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए वर्तमान प्रचलित प्रक्रिया में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से पर्याप्त संख्या में चयनित अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, जिससे विशेषज्ञों के पद बड़ी संख्या में रिक्त हैं एवं स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। मध्यप्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा (राजपत्रित) सेवा भर्ती नियम : 2022 के नियम 6 (4) के अंतर्गत विशेषज्ञ चिकित्सकों के रिक्त पदों की पूर्ति के लिए विभागीय स्तर से सीधी भर्ती की कार्यवाही किए जाने संबंधी प्रस्ताव पर मंत्रि-परिषद ने अनुमति प्रदान की है। अब इसके तहत प्रत्येक माह की एक तारीख को एमपी ऑनलाइन पर विभाग की रिक्तियां प्रदर्शित की जाएंगी, जिनके आधार पर 15 तारीख तक आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। उक्त दिनांक तक प्राप्त सभी आवेदनों पर विभागीय समिति आगामी द्वितीय बुधवार को बैठक करेगी, जिसमें सभी अभ्यर्थियों को साक्षात्‌कार के लिए बुलाया जाएगा। साक्षात्कार के बाद इनकी उपयुक्तता का निर्धारण करते हुए विभागीय समिति चयन की अनुशंसा राज्य शासन को करेगी। समिति द्वारा जिस वर्ग से जितने अभ्यर्थियों की अनुशंसा की जायेगी, उस वर्ग से उतनी रिक्तियां एमपी ऑनलाइन में प्रदर्शित की जा रही रिक्तियों से आगामी माह के लिए कम कर दी जाएगी। विभागीय समिति की अनुशंसा के आधार पर राज्य शासन ऐसे चिकित्सकों के नियुक्ति आदेश सीधे जारी करेगा और उन अभ्यर्थियों को सूची में प्रदर्शित रिक्त स्थानों पर पदस्थ करेगा। यह नियुक्तियां प्रथम 3 वर्ष के लिए उन्हीं स्थानों पर की जाएंगी, जिन स्थानों को रिक्तियों में प्रदर्शित किया गया है। प्रथम 3 वर्ष तक ऐसे चिकित्सकों का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा।

read more : Sabang Port India Indonesia : मलक्का के मुहाने पर भारत की रणनीतिक एंट्री,सबांग पोर्ट बनेगा हिंद महासागर का नया ‘होर्मुज’

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नमस्ते, मैं अभिषेक सिंह । मैंने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक की पढ़ाई पूरी की है और वर्तमान में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय,भोपाल से डिजिटल जर्नलिज्म में परास्नातक (एमए) कर रहा हूँ।मेरे लिए पत्रकारिता केवल सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक नैतिक जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ मैं स्वदेश न्यूज़ में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ, जहाँ मैं खबरों की गहराई को समझने, प्रभावशाली हेडलाइन्स तैयार करने और डिजिटल कंटेंट को सटीक व आकर्षक रूप में प्रस्तुत करने पर काम करता हूँ।
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By Yoganand Shrivastava

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स्वदेश न्यूज़, अभिव्यक्ति और पत्रकारिता की स्वतंत्रता (freedom of speech) (freedom of the press) पर भरोसा रखता है, जो लोगों की आवाज बनकर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रुप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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