Ayodhya Ram Mandir Donation Theft Case : चढ़ावा चोरी के मामले का सियासत पर कितना प्रभाव?किस दिशा में चल रही जांच, किस- किस पर आएगी आंच?
Ayodhya Ram Mandir Donation Theft Case : अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं…एक ओर सरकार एक भी आरोपी को न बख्शने का दावा कर रही है…तो वहीं दूसरी ओर विपक्ष श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के साथ सीधे सरकार को निशाने पर ले रहा है… इस बीच चढ़ावा चोरी को लेकर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप सामने आ रहे हैं…निशाने पर क्यो आई आस्था..आखिर कहां तक जुड़े हैं चढ़ावा चोरी के तार..कैसे राम भक्तों के आस्था औऱ विश्वास की होगी बहाली…इसी पर आज हम बात करेंगे…लेकिन इससे पहले देखते हैं रिपोर्ट…ये गुस्सा राममंदिर के चढ़ावे में चोरी को लेकर है..जीं हां देश-विदेश के रामभक्त दिल खोलकर जो दान दे रहे थे उसका एक हिस्सा मंदिर की व्यवस्था देखने वाले ट्रस्ट के कर्मचारियों की जेब मे जा रहा था..लेकिन इसके बाद नए आरोप भी सामने आने लगे आरोप है कि दान में मिली सोने, चांदी, हीरे-जवाहरात से जड़ित और अष्टधातु की मूल्यवान ईंटें मंदिर के भंडारों से गायब कर दी गई..असली सोने-चांदी के आभूषणों और ईंटों को नकली से बदल दिया गया है. सिंधी समाज ने आरोप लगाए हैं कि :समाज ने एक-एक किलो वजन की 200 चांदी की ईंटें दान की थी जो लापता हैं

Ayodhya Ram Mandir Donation Theft Case : इन नए दावों को देखते हुए सरकार ने SIT जांच की अवधि को 15 जुलाई तक बढ़ा दी है. जांच का दायरा भी बड़ा कर दिया है..पुलिस और SIT की टीमें जेल में बंद आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं.. जांच एजेंसियां अब वीवीआईपी भक्तों द्वारा सीधे रामलला के चरणों में चढ़ाए गए बिना रसीद वाले सोने-चांदी के आभूषणों के गायब होने के एंगल पर काम कर रही हैं..इस बीच चढ़ावा चोरी की बड़ी राशि बरामद भी कर ली गई है.कोर्ट और पुलिस दस्तावेजों के अनुसार,
Ayodhya Ram Mandir Donation Theft Case : अभी राममंदिर के चढ़ावे में चोरी के नए-नए मामले सामने आ रहे हैं,.नया आरोप स्वर्ण जड़ित रामचरित्र मानस की प्रति चोरी जाने का है..पूर्व केंद्रीय गृह सचिव एस. लक्ष्मीनारायण ने आरोप लगाया है कि उन्होंने 8 अप्रैल 2024 को ट्रस्ट महासचिव चंपत राय को स्वर्ण जड़ित रामचरितमानस सौंपी थी.. इसमें 5 करोड़ के सोने का इस्तेमाल हुआ था.. दान देने के बाद उन्हें ट्रस्ट से कोई आधिकारिक रसीद नहीं मिली,,अब रामचरित्र मानस की वो प्रति भी गायब है.. उन्होंने ट्रस्ट के अधिकारियों और यहां तक कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से इसकी शिकायत की, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिलाचढ़ावा और दान चोरी के इन सनसनीखेज आरोपों से रामभक्त आहत हैं.वो इसे अपनी आस्था पर चोट मान रहे हैं तो वहीं सरकार और राममंदिर आंदोलन से जुड़ी बीजेपी और संघ परिवार का कहना है कि कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा..वहीं विपक्ष इन पर ही चोरी में शामिल होने के आरोप लगा रहा..देखना ये है कि पूरे मामले में दूध का दूध और पानी का पानी कब तक हो पाता है.
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