NEET Paper Leak : इंतजाम होंगे पुख्ता, जमीन से आसमान तक कड़ी सुरक्षा,जवाबदेही तय होने तक ये घटनाएं नहीं रुकेंगी- सुप्रीम कोर्ट
NEET Paper Leak : NEET विवाद पर बढ़ते दबाव की, परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर उठे बड़े सवाल की, नीट पेपर लीक मामले में सुप्रीमकोर्ट की तल्खी की और सरकार की सख्ती की। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर जारी विवाद के बीच अब मामला बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। National Testing Agency यानी NTA की कार्यप्रणाली पर लगातार उठ रहे सवालों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने साफ कहा कि परीक्षा की पारदर्शिता से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी माना कि अगर लाखों छात्रों की मेहनत और भविष्य दांव पर लगे हों, तो जांच बेहद गंभीरता और पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए। कोर्ट की टिप्पणियों के बाद केंद्र सरकार और एजेंसियों पर दबाव और बढ़ गया है। सूत्रों का दावा है कि अब पूरे मामले पर सीधे Prime Minister’s Office यानी PMO भी नजर बनाए हुए है। परीक्षा प्रणाली में सुधार, पेपर लीक पर रोक और जवाबदेही तय करने को लेकर उच्च स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है। लेकिन NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, ग्रेस मार्क्स, पेपर लीक और परीक्षा केंद्रों को लेकर उठे विवाद ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। उधर विपक्ष भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और NTA को घेर रहा है। लेकिन सरकार की ओर से दावा किया जा रहा है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए मजबूत तंत्र तैयार किया जा रहा है। जमीन से आसामन तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का दावा किया जा रहा है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर सरकार की कवायद से क्या अभ्यर्थियों का विश्वास कायम हो पाएगा। क्या जो इंतजाम किये जाएंगे वो पुख्ता और पर्याप्त होंगे।।
NEET Paper Leak : नीट पेपर लीक मामले में पिछले 20 दिनों से देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन, यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट और अन्य ने याचिकाएं लगाई हैं। जिस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने NEET-UG परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही को लेकर सख्त टिप्पणी की। और कहा कि जवाबदेही तय होने तक ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं। कोर्ट में मौजूद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी NTA से सवाल किया कि UPSC तो आपसे बड़े पैमाने पर परीक्षा करवाता है, वहां कभी पेपर लीक नहीं हुआ।अदालत ने कहा कि ऐसी घटनाएं केवल छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी बेहद दर्दनाक होती हैं। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि देश के युवाओं को निराश नहीं किया जाना चाहिए।
NEET Paper Leak : अदालत ने सुनवाई के दौरान अभ्यर्थियों और अभिभावकों की पीड़ा पर चिंता जताई और पारदर्शी जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि केंद्र सरकार छात्रों की चिंताओं को लेकर पूरी तरह गंभीर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं, ताकि परीक्षा प्रक्रिया में किसी तरह की कमी न रह जाए। तुषार मेहता ने कोर्ट को यह भी बताया कि 21 जून को होने वाली नीट यूजी री-टेस्ट परीक्षा के लिए कुछ नई सुरक्षा व्यवस्थाएं और तंत्र लागू किए गए हैं।
NEET Paper Leak : इससे पहले नीट पेपर लीक मामले पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर एक हाई लेवल बैठक हुई। बैठक में धर्मेंद्र प्रधान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, एनटीए डीजी अभिषेक सिंह और पीएमओ के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे। बैठक का मूल एजेंडा नीट की विश्वसनीयता हर हाल में बहाल करना रहा। जिससे बाद सामने आया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं। तो वहीं इस मुद्दे पर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। नीट यूजी परीक्षा इस साल 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद एनटीए ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी। फिलहाल मामले की जांच सीबीआई कर रही है और दोबारा परीक्षा 21 जून को प्रस्तावित है। लेकिन नीट पेपर लीक विवाद अब सिर्फ परीक्षा में गड़बड़ी का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भरोसे से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती और प्रधानमंत्री स्तर पर निगरानी को सरकार की गंभीरता के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे में सवाल गारंटी का है कि आने वाले वक्त में छात्रों और युवाओं की जिंदगी और उनके भविष्य से किसी तरह का खिलवाड़ नहीं होगा।।
NEET Paper Leak : गंभीर, पीएम मोदी कर रहे निगरानी- सॉलिसिटर जनरल
नीट यूजी पेपर लीक मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जवाबदेही तय किए बिना ऐसी घटनाएं नहीं रुकेंगी। कोर्ट ने छात्रों और परिवारों की पीड़ा पर चिंता जताई। केंद्र ने बताया कि PM मोदी खुद मामले की निगरानी कर रहे हैं।संसदीय समिति की बैठक में शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के निदेशक प्रवीण सूद और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह शामिल होने पहुंचे। इस बैठक में नीट यूजी पेपर लीक मामले की जांच और परीक्षा संचालन से जुड़ी अनियमितताओं की समीक्षा की जा रही है। डॉ. एम. थंबीदुरई इस समिति के अध्यक्ष हैं।
NEET Paper Leak : अर्धसैनिक बल करेंगे संवेदनशील केंद्रों की सुरक्षा
सूत्रों के मुताबिक, अधिक संवदेनशील केंद्रों की सुरक्षा अर्द्धसैनिक बल करेंगे। ये केंद्र पेपर लीक और पेपर माफिया के निशाने वाले हैं। यहां जांच एजेंसियों के कर्मी सादी वर्दी में तैनात रहेंगे। नीट में पेपर सेटिंग करने वाले ही लीक का कारण बने थे, इसलिए अब क्रॉस वेरिफिकेशन के बाद ही परीक्षा में ड्यूटी लगाई जाएगी।
NEET Paper Leak : वायुसेना के विमानों से प्रश्न पत्र भेजने का प्रस्ताव
सूत्रों के मुताबिक, सरकार प्रश्न पत्र भेजने और उसकी सुरक्षा के लिए रक्षा प्रतिष्ठानों और वायुसेना की मदद लेने पर विचार कर रही है। प्रस्ताव है कि प्रश्नपत्रों को प्रिंटिंग प्रेस से वितरण केंद्रों तक वायुसेना के विमानों और विशेष सुरक्षित वाहनों के जरिये पहुंचाया जाए और रक्षा प्रतिष्ठानों में रखा जाए।गौरतलब है कि नीट यूजी 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी। अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद परीक्षा 12 मई को रद्द कर दी गई थी। अब 21 जून को होने वाली नीट पुनर्परीक्षा में करीब 23 लाख छात्र शामिल होंगे। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान लगातार परीक्षा तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं सरकार की ओर से साफ संकेत दिए गए हैं कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं विपक्ष लगातार इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहा

