Trump Modi Relations : ट्रंप ने मोदी को बताया महान, आखिर क्या है पैगाम ? ‘मुझ पर 100% कर सकते हैं भरोसा’, वादे में कितना दम ?
Trump Modi Relations : स्वदेश एजेंडा में आज बात… डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ की… बात दोस्ती और भरोसे की… और बात उस भरोसे पर कूटनीतिक मायने की… आप मुझ पर 100 प्रतिशत भरोसे कर सकते हैं… क्योंकि मैं भारत से प्यार करता हूं, मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बहुत बड़ा फैन हूं। जीहां एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिये दोस्ताना अंदाज दिखाई दिया है। हालांकि डोनाल्ड ट्रंप का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को महान दोस्त और बहुत बड़ा फैन बताना सिर्फ व्यक्तिगत प्रशंसा नहीं, बल्कि इसके पीछे गहरे कूटनीतिक और राजनीतिक संकेत भी छिपे हैं। ‘हाउडी मोदी’ ‘नमस्ते ट्रम्प’ और मोदी-ट्रम्प ने 2 साल में 11 बार फोन पर बात… अब एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी से गलबहियां की हैं। और ट्रंप के इस बयान को भारत-अमेरिका ट्रेड डील से भी जोड़कर देखा जा रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो पहले ही कह चुके हैं कि दोनों देशों के बीच जल्द व्यापार समझौता हो सकता है। अब मिडिल ईस्ट में तनाव को लेकर जिस तरह के हालात दुनिया में बने हुए हैं, और चाहकर भी ट्रंप…ईरान पर अपनी पकड़ मजबूत नहीं कर पाएं हैं। चीन और पाकिस्तान जैसे देशों के साथ मिलकर भी उनकी उम्मीदें पूरी नहीं हो पाई हैं। ऐसे में ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक राजनीति में अमेरिका को एशिया में मजबूत साझेदारों की जरूरत है। चीन के बढ़ते प्रभाव और इंडो-पैसिफिक रणनीति के बीच भारत अमेरिका के लिए सबसे अहम सहयोगी बनकर उभरा है।यही वजह है कि मोदी की तारीफ कर ट्रंप भारत को यह संदेश देना चाहते हैं कि वॉशिंगटन नई दिल्ली के साथ रिश्तों को और मजबूत रखना चाहता है। लेकिन सवाल यही है कि जिस तरह से भारत के प्रति अर्थव्यवस्था, ट्रैड डील और अपने हमेशा से बदलते बयानों को लेकर ट्रंप की जो छवि बनी हुई है। वो कितनी भरोसे वाली है। ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा…
Trump Modi Relations : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपना महान दोस्त बताया और कहा कि वे मोदी के बहुत बड़े फैन हैं। ट्रंप ने कहा कि भारत अमेरिका पर 100 फीसदी भरोसा कर सकता है। अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में ट्रम्प ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर को फोन करके लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि … मुझे भारत से प्यार है। मैं सबको गुड इवनिंग कहना चाहता हूं। मुझे प्रधानमंत्री से प्यार है।PM मोदी महान हैं, वह मेरे दोस्त हैं। मोदी को हैलो कहो। मैं उनका बहुत बड़ा फैन हूं। ट्रम्प ने कहा कि हम पहले कभी इंडिया के इतने करीब नहीं रहे। इंडिया मुझ पर और अमेरिका पर 100 प्रतिशत भरोसा कर सकता है। अगर उन्हें कभी मदद की जरूरत पड़ी, तो उन्हें पता है कि कहां कॉल करना है। वे यहीं कॉल करते हैं।
Trump Modi Relations : ट्रंप ने मोदी को महान दोस्त और खुद को उनका बड़ा फैन बताने वाला बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के बीच ट्रेड डील और टैरिफ को लेकर बातचीत चल रही है। QUAD, इंडो-पैसिफिक, रक्षा, ऊर्जा, निवेश, व्यापार सहयोग, टेक्नोलॉजी जैसे मुद्दों पर भारत-अमेरिका सहयोग दोनों देशों के रिश्तों में अहम बना हुआ है। ट्रंप का यह बयान सिर्फ व्यक्तिगत प्रशंसा नहीं, बल्कि बदलती वैश्विक राजनीति के बीच एक बड़ा रणनीतिक संकेत माना जा रहा है। ट्रम्प का बयान यह संकेत है कि वॉशिंगटन और नई दिल्ली के बीच रणनीतिक साझेदारी आने वाले समय में और मजबूत हो सकती है। इसके अलावा रूस-यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट तनाव और चीन-अमेरिका प्रतिस्पर्धा के दौर में भारत एक संतुलित वैश्विक शक्ति के रूप में उभरा है। भारत ने कई मुद्दों पर स्वतंत्र विदेश नीति अपनाई है, जिसके कारण दुनिया की बड़ी ताकतें दिल्ली के साथ संबंध मजबूत रखना चाहती हैं। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री की तारीफ को भारत-अमेरिका के रिश्तों को नई दिशा में बढ़ते कदम बताया।कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प ने दोनों देशों की साझेदारी को नई दिशा दी है। तो वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री सर्जियो गोर ने कहा कि भारत-अमेरिका रिश्ते मजबूत भरोसे और साझा हितों पर आधारित हैं। जिसको लेकर बीजेपी नेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता और उनकी कूटनीतिक जीत बता रहे हैं। उनका कहना है कि आज दुनिया में भारत का डंका बज रहा है, ऐसे में सभी को भारत को साथ लेकर चलना होगा।
Trump Modi Relations : ट्रंप और मोदी के बीच पहले भी सार्वजनिक मंचों पर अच्छी व्यक्तिगत केमिस्ट्री दिखाई देती रही है। दोनों नेताओं की राष्ट्रवादी छवि, बड़े जनसमर्थन और आक्रामक राजनीतिक शैली को लेकर भी अक्सर तुलना होती रही है। ट्रंप इस समीकरण को राजनीतिक रूप से उपयोगी मानते हैं।ये कोई पहला मौका नहीं है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री की तारीफ की हो, ट्रम्प पहले भी कई बार पीएम मोदी की तारीफ कर चुके हैं, साथ ही मोदी-ट्रम्प ने 2 साल में 11 बार फोन पर बात हुई है। लेकिन कांग्रेस इससे इत्फाक नहीं रखती, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में जितना अपमान भारत का हुआ है, उतना कभी नहीं हुआ।
Trump Modi Relations : अब ट्रंप द्वारा मोदी की खुलकर तारीफ करना, एशिया में भारत की बढ़ती ताकत को स्वीकार करने जैसा है। यह चीन को रणनीतिक संदेश देने के साथ-साथ पाकिस्तान को यह संकेत भी देता है कि वॉशिंगटन की प्राथमिकताओं में भारत की स्थिति ज्यादा मजबूत हो चुकी है। दरअसल रूस-यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट तनाव और चीन-ताइवान विवाद जैसे मुद्दों के बीच अमेरिका को ऐसे भरोसेमंद साझेदारों की जरूरत है। जो वैश्विक स्थिरता में अहम भूमिका निभा सकें। ऐसे में भारत की बढ़ती आर्थिक और कूटनीतिक ताकत अमेरिका के लिए बहुत बड़ी जरूरत है।यही वजह है कि दुनिया की सबसे बड़ी शक्तियों में से एक अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा मोदी की खुलकर प्रशंसा करना, प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक स्वीकार्यता और कूटनीतिक प्रभाव को भी मजबूत करता है।अब ट्रम्प का ये बयान केवल दोस्ती की भाषा नहीं, बल्कि आने वाले समय में भारत-अमेरिका संबंधों की नई दिशा के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। साथ ही यह संदेश भी साफ है कि वैश्विक शक्ति संतुलन में भारत की भूमिका अब पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो चुकी है।।
Trump Modi Relations : ट्रम्प का ये कहना ‘भारत अमेरिका पर 100% भरोसा कर सकता है’ निवेश, टेक्नोलॉजी और व्यापार सहयोग को लेकर भरोसे का संदेश माना जा रहा है।अमेरिका हाल के महीनों में कई भारतीय प्रोडक्ट्स पर टैरिफ बढ़ा चुका है, इसके बावजूद दोनों देश रक्षा, AI, सेमीकंडक्टर और ऊर्जा सेक्टर में सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। फरवरी में अमेरिका ने भारत पर लगाए 50% टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया था।
Trump Modi Relations : ट्रम्प ने विदेश मंत्री मार्को रूबियो की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें अमेरिका के इतिहास के सबसे महान विदेश मंत्रियों में याद किया जाएगा। भारत दौरे पर आए रूबियो ने कहा कि भारत-अमेरिका के रिश्तों की रफ्तार धीमी नहीं पड़ी है। दोनों देशों के बीच जल्द ट्रेड डील होगी।
रूबियो का दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब ट्रम्प की टैरिफ नीति को लेकर दोनों देशों के बीच आर्थिक और कूटनीतिक तनाव बढ़ा है। अमेरिका ने कई भारतीय उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाया है, इसके बावजूद दोनों देश ट्रेड डील को आगे बढ़ाने की कोशिश में हैं।जयशंकर बोले- भारत-अमेरिका के रिश्ते नई दिशा में बढ़ रहेभारत और अमेरिका के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प ने दोनों देशों की साझेदारी को नई दिशा दी है।व्यापार, रक्षा, टेक्नोलॉजी, AI, ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों का सहयोग तेजी से बढ़ रहा है। बदलती वैश्विक परिस्थितियों में यह साझेदारी और अहम हो गई है।भारत और अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम कर रहे हैं और इस मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ होना चाहिए।मार्को रूबियो 26 मई को होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे। इसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षाऔर रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा होगी।
Trump Modi Relations : अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सेवा तीर्थ में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तरफ से पीएम मोदी को अमेरिका आने का न्योता दिया।न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक दोनों नेताओं ने रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, रणनीतिक तकनीक और इंडो-पैसिफिक सहयोग समेत कई मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति और ईरान संकट पर भी बातचीत हुई।बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और अमेरिकी अंडर सेक्रेटरी एलिसन हूकर भी मौजूद थीं।
Trump Modi Relations : रूबियो की यह यात्रा अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के चीन दौरे के सिर्फ 7 दिन बाद हो रही है। ऐसे में अमेरिकी मीडिया का कहना है कि रुबियो की यह यात्रा सिर्फ कूटनीतिक नहीं बल्कि डैमेज कंट्रोल मिशन भी है।रिपोर्ट के मुताबिक, रूबियो का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब पिछले साल के मध्य से भारत-अमेरिका संबंधों में कुछ मुद्दों को लेकर तनाव देखा गया था। माना जा रहा है कि इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के रिश्तों को फिर से मजबूत करना भी है।अब दिल्ली में रुबियो की बातचीत का सबसे बड़ा मकसद यही माना जा रहा है कि भारत यह समझ सके कि ट्रम्प सरकार एशिया में आगे क्या रणनीति अपनाने वाला है और चीन के साथ उसके रिश्तों की दिशा क्या होगी।पिछले साल ट्रम्प ने भारत पर भारी टैरिफ लगा दिए थे क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने से इनकार कर दिया था। ट्रम्प का दावा था कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष रुकवाने में बड़ी भूमिका निभाई थी, लेकिन भारत ने सार्वजनिक रूप से इस दावे को खारिज कर दिया।अब नया तनाव पाकिस्तान को लेकर पैदा हुआ है। ट्रम्प हाल में पाकिस्तान के नेताओं की तारीफ कर चुके हैं और उन्हें ईरान युद्ध में मध्यस्थ बताने लगे हैं। इससे भारत में यह संदेश गया कि ट्रम्प सरकार पाकिस्तान को फिर महत्व देने लगा है।
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