Madhyan : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में ‘स्कूल चलें हम’ अभियान के तहत राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव 2026 का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिल, पुस्तकें एवं पाठ्य सामग्री वितरित की गई। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग की लघु फिल्म का प्रदर्शन भी हुआ। ये कार्यक्रम प्रदेश में शिक्षा के प्रसार और हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने के उद्देश्य से हर साल आयोजित किया जाता है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को संबोधित किया। जिसमें उन्होंने शिक्षा को प्रदेश के विकास का आधार बताते हुए ‘हर बच्चा, हर स्कूल’ के विजन को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
Madhyan : हर बच्चा स्कूल पहुंचे, शिक्षा के साथ बेहतर सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि ‘पढ़ेगा हर बच्चा, बढ़ेगा मध्यप्रदेश’, जिसका उद्देश्य प्रदेश के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में हर बच्चे तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।प्राथमिक से लेकर हायर सेकेंडरी स्तर तक विद्यालयों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराकर विद्यार्थियों को नियमित रूप से स्कूल आने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ नि:शुल्क किताबें, गणवेश और साइकिलें प्रदान की जा रही हैं।
Madhyan : रकार के प्रयास विशेष, ‘पढ़े हर बच्चा, बढ़ेगा मध्यप्रदेश’
बेहतर सुविधाओं के कारण स्कूलों में नामांकन दर में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ ड्रॉपआउट दर भी शून्य पर आ चुकी है। स्कूल चले हम अभियान का मुख्य लक्ष्य हर बच्चे का स्कूल में नामांकन सुनिश्चित करना, ड्रॉपआउट दर को कम करना, शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में शिक्षा की पहुंच मजबूत करना है। मध्यप्रदेश सरकार शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए लगातार प्रयास कर रही है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। यह प्रवेशोत्सव न केवल नामांकन बढ़ाने का माध्यम है, बल्कि शिक्षा के प्रति समाज में सकारात्मक माहौल भी तैयार करता है।

Madhyan : ‘हर बच्चा स्कूल आए, पढ़े-लिखे, जीवन में आगे बढ़े’
•‘स्कूल चले अभियान’ का शुभारंभ, 1 से 4 तारीख तक ‘स्कूल चले अभियान’
•दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को आने-जाने में सुविधा के लिए साइकिल वितरण।
•अगले 3-4 महीनों में 4 लाख बच्चों को दी जाएंगी साइकिल।
•विद्यार्थियों को किताबें, गणवेश के लिए राशि और अन्य सुविधाएं।
•हमने ड्रॉपआउट की स्थिति को शून्य किया, जो शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि।
•कुल नामांकन में 19.6 प्रतिशत की वृद्धि, शासकीय विद्यालयों में 32.4 प्रतिशत की वृद्धि।
•बच्चों के सर्वांगीण विकास का माध्यम बन रहे सांदीपनि विद्यालय और पीएम श्री स्कूल।
•नई शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत 49 नई हिंदी किताबें तैयार।
•ये किताबें 69 जनजातीय क्षेत्रों में वितरित की जा रही हैं।
•प्रदेश के 55 जिलों और 50 हजार से अधिक गांवों में ‘स्कूल चले अभियान’।
•अभियान के माध्यम से हर बच्चे को स्कूल से जोड़ा जा रहा है।
•अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए 95 हजार क्षमता वाले 1913 छात्रावास।
•अनुसूचित जाति वर्ग के 25,439 विद्यालयों में लगभग 20 लाख विद्यार्थी कर रहे अध्ययन।
•कक्षा 1, 6 और 9 में प्रवेश की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया गया है।
•वर्ष 2024-25 में 99,710 और 2025-26 में 94,306 विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित।
•75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदान करना हमारी प्रतिबद्धता।
•बजट में ₹250 करोड़ का प्रावधान कर टॉप करने वाले विद्यार्थियों को स्कूटी देने की योजना।
•अब तक 55 लाख विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म वितरित की जा चुकी है।
•इस सत्र में 1 करोड़ 45 लाख नामांकन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
•प्रदेश में 76,325 शिक्षकों की नियुक्ति कर शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया गया है।
हम सबका संकल्प है कि हर बच्चा स्कूल आए, पढ़े-लिखे और अपने जीवन में आगे बढ़े।

