BY
Yoganand Shrivastava
New Delhi देश के कई हिस्सों में रसोई गैस की कथित किल्लत और सिलेंडर के लिए लगती लंबी कतारों के बीच गुरुवार को लोकसभा में जोरदार बहस हुई। विपक्षी दलों द्वारा किए गए भारी हंगामे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा दिए गए नोटिस के बाद सरकार ने सदन में स्थिति स्पष्ट की। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और सरकार ने आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए युद्धस्तर पर कदम उठाए हैं।
New Delhi राहुल गांधी का ‘ऊर्जा सुरक्षा’ पर हमला
New Delhi चर्चा की शुरुआत करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार की विदेश नीति और ऊर्जा प्रबंधन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:
- तैयारी की कमी: इजरायल-ईरान युद्ध (पश्चिम एशिया संकट) के कारण होने वाले व्यवधानों के लिए सरकार पहले से तैयार नहीं थी।
- बड़ा संकट: राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं।
- पैनिक: उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री जनता को पैनिक न करने की सलाह दे रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है।
New Delhi हरदीप पुरी का जवाब: उत्पादन में 28% का उछाल
राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए हरदीप पुरी ने आंकड़ों के साथ सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि:
- उत्पादन में वृद्धि: घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पिछले 5 दिनों के भीतर एलपीजी का उत्पादन 28% तक बढ़ा दिया गया है।
- आपूर्ति सुरक्षित: उन्होंने आश्वस्त किया कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस का स्टॉक पूरी तरह सुरक्षित है। एलएनजी (LNG) के दो जहाज भारत की ओर आ रहे हैं और जल्द ही तट पर पहुंचेंगे।
- सफल कूटनीति: मंत्री ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) मार्ग बंद होने के बावजूद भारत ने अन्य 40 देशों से तेल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की है। भारत अब अपनी क्रूड जरूरतों का करीब 70% ‘नॉन-होर्मुज’ रास्तों से मंगा रहा है।
New Delhi जमाखोरों पर एक्शन और नए नियम
संसद में चर्चा के दौरान सरकार ने लोगों से पैनिक बुकिंग न करने की अपील की। सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने निम्नलिखित कड़े कदम उठाए हैं:
- बुकिंग अंतराल: घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के बीच का समय 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है ताकि जमाखोरी रोकी जा सके।
- प्राथमिकता: एलपीजी की आपूर्ति में घरों, अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों को पहली प्राथमिकता दी जा रही है।
- सख्त निर्देश: राज्य सरकारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्थानीय स्तर पर जमाखोरों के खिलाफ छापेमारी करें और उन पर एफआईआर (FIR) दर्ज करें।





