बहादुरगढ़ के सचिन ने कांग्रेस नेता हिमानी नरवाल की हत्या की। दोनों की दोस्ती सोशल मीडिया पर शुरू हुई थी, जो बाद में ब्लैकमेलिंग तक पहुंची। परेशान होकर सचिन ने यह कदम उठाया।

हत्याकांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की बाहरी जिला इकाई और हरियाणा की सांपला पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर बहादुरगढ़ निवासी सचिन (30) को गिरफ्तार किया है। सचिन मोबाइल एक्सेसरीज की दुकान चलाता है और वर्तमान में सांपला पुलिस की हिरासत में है। यह कांग्रेस नेता हिमानी नरवाल हत्याकांड में पहली गिरफ्तारी है। पुलिस ने उसके पास से हिमानी का मोबाइल फोन और कुछ गहने भी बरामद किए हैं।
हरियाणा पुलिस सूत्रों के अनुसार, सचिन और हिमानी पिछले एक साल से एक-दूसरे को जानते थे। सचिन अक्सर हिमानी के घर जाता था और वहां रुकता भी था। पुलिस हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए पूछताछ कर रही है।
हत्या का तरीका और शव की खोज
सचिन ने हिमानी की हत्या मोबाइल चार्जर के तार से गला घोंटकर की। 1 मार्च 2025 को सुबह हरियाणा के रोहतक जिले के सांपला कस्बे के बस स्टैंड पर एक बैग में हिमानी का शव मिला। राहगीरों ने बैग देखकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बैग खोला, जिसमें एक सूटकेस में शव रखा हुआ था। जांच में पता चला कि सचिन ने शव को बस में ले जाकर बस स्टैंड पर छोड़ा था।
दोस्ती से ब्लैकमेलिंग तक का सफर
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, सचिन और हिमानी की मुलाकात एक साल पहले सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। दोस्ती धीरे-धीरे गहरे संबंधों में बदल गई। हिमानी ने इन संबंधों का वीडियो बना लिया और इसका इस्तेमाल सचिन को ब्लैकमेल करने के लिए किया। सूत्रों के मुताबिक, हिमानी ने सचिन से लाखों रुपये की मांग की थी, हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सचिन ने बताया कि 2 मार्च को होने वाले निकाय चुनावों से पहले हिमानी ने उसे अपने घर बुलाया था। इसी दौरान उसने हत्या की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
पुलिस ने घटनास्थल और हिमानी के घर की गहन जांच की। फोटो सबूतों में सूटकेस और शव की स्थिति स्पष्ट है। सांपला पुलिस सचिन से लगातार पूछताछ कर रही है ताकि हत्या के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ सके। इस मामले ने दिल्ली-एनसीआर में सनसनी फैला दी है।




