अमेरिका की बहुराष्ट्रीय निवेश बैंक सिटीग्रुप के कर्मचारियों ने एक बड़ी चूक करते हुए एक ग्राहक के खाते में 280 डॉलर की जगह 81 ट्रिलियन डॉलर जमा कर दिए। यह गलती बाद में एक अन्य कर्मचारी द्वारा पकड़ी गई, जिसके बाद इस लेनदेन को ठीक कर गलत राशि को वापस लिया गया।

क्या थी घटना?
फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना अप्रैल 2023 में हुई। सिटीग्रुप के एक भुगतान कर्मचारी ने यह गलती की, और अगले दिन लेनदेन की जांच के लिए नियुक्त दूसरे कर्मचारी ने भी इसे नजरअंदाज कर दिया। करीब डेढ़ घंटे बाद तीसरे कर्मचारी ने इस त्रुटि को पकड़ा और कई घंटों की मेहनत के बाद इसे सुधारा गया। इस गलती को बैंक ने “नियर मिस” करार दिया, जिसका मतलब है कि यह एक बड़ी समस्या बनने से बच गई। सिटीग्रुप ने बताया कि इस घटना से न तो बैंक को नुकसान हुआ और न ही ग्राहक पर कोई असर पड़ा।
सिटीग्रुप का बयान
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, सिटीग्रुप ने एक ईमेल बयान में कहा, “हमारे नियंत्रण तंत्र ने दो खातों के बीच हुई इस गलती को पकड़ा और लेनदेन को उलट दिया।” बैंक ने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटना का कोई वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ा।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी गलतियाँ
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक साल में सिटीग्रुप में 1 बिलियन डॉलर या उससे अधिक की 10 ऐसी “नियर मिस” घटनाएँ हुई हैं। हालांकि, यह संख्या पिछले साल की 13 घटनाओं से कम है। ये गलतियाँ बैंकिंग नियामकों को रिपोर्ट करने की जरूरत नहीं होतीं, इसलिए इनके बारे में व्यापक सार्वजनिक डेटा उपलब्ध नहीं है। सिटीग्रुप ने इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
नियामक दबाव और सुधार के प्रयास
सिटीग्रुप पिछले कुछ समय से जोखिम प्रबंधन और डेटा गवर्नेंस से जुड़े मुद्दों को ठीक करने की कोशिश कर रहा है। पिछले साल बैंक पर इन कमियों के लिए 136 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया गया था, और पहले भी 400 मिलियन डॉलर का जुर्माना लग चुका है। बैंक के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) मार्क मेसन ने जनवरी में कहा, “हमें डेटा, तकनीक और नियामक रिपोर्टिंग की गुणवत्ता सुधारने के लिए और निवेश करने की जरूरत महसूस हुई।”
आगे की राह
यह घटना सिटीग्रुप के संचालन में मौजूद कमियों को उजागर करती है, जिसे बैंक नियामकों के सामने सुधारने का वादा कर चुका है। गलत लेनदेन को ठीक करने की प्रक्रिया के तहत बैंक ने राशि को वापस लिया, जिससे कोई वास्तविक नुकसान नहीं हुआ। फिर भी, यह घटना सिटीग्रुप के लिए एक सबक है कि उसे अपने सिस्टम को और मजबूत करने की जरूरत है।
महाराष्ट्र और गोवा की धमाकेदार खबरें: 1 मार्च 2025 की टॉप सुर्खियाँ





